ब्लॉग पर टिप्पणी कैसे लिखें

            
         
कैसे करें टिप्पणी किसी ब्लॉग में

        पाठकों, ब्लोगिंग की दुनिया में लाखों ब्लोगर्स हैं जो ब्लॉग्गिंग की दुनिया में सक्रिय हैं सभी लेखक अपनी सूचनाओं से परिपूर्ण लेखों के माध्यम से लोगों को अनेक सूचनाएं दे रहे हैं लोग ब्लॉग पढ़ते है और ब्लॉग पर जाकर ब्लॉग पढ़ने के बाद टिप्पणी करते हैं ब्लोगिग बहुत अच्छा माध्यम है लोगों से जुड़ने का, अपनी बात लोगो तक पहुंचाने का
      मैं भी ब्लॉग लिखती हूं नन्ही कोपल (nanhikopal.blogspot.com) के नाम से और रोज मैं एक पोस्ट अपने ब्लॉग पर लिखती ही हूँ पर काफी दिनों से यह महसूस कर रही हूँ की दर्शक मेरा ब्लॉग खोलकर देखते है पढ़ते है और आगे बढ़ जाते है मैंने देखा है मेरी इतनी सारी पोस्ट्स में देखने वाले दर्शक ब्लॉग पढ़ तो लेते है लेकिन पोस्ट्स में टिप्पणियाँ बहुत ही कम लोगों की रहती है
      मैंने लोगों के टिप्पणी ना करने के कुछ ख़ास कारणों पर चिन्तन मनन किया बहुत से लोगों से इस विषय पर बात की आखिर ऐसा क्या कारण हो सकता है ? बहुत चिन्तन मनन के बाद मुझे समझ आया कि  कुछ लोग इसलिए टिप्पणी नहीं कर पाते है और बहुत से लोगों को टिप्पणी करने में असुविधा होती है क्योंकि वे समझ नहीं पाते है कि किसी व्यक्ति का ब्लॉग पढ़कर किस तरह टिप्पणी लिखे ? कैसे  टिप्पणी ब्लॉग पर पोस्ट करें ?
      अगर समझ भी जाते है कि टिप्पणी किस तरह लिखना है तो यह समझ नहीं पाते है कि किसी ब्लॉगर के ब्लॉग पर जाकर टिप्पणी में क्या लिखें ? किस रोचक ढंग से टिप्पणी लिखे ? यह जरूरी नही है कि हर व्यक्ति जो पढ़ता है वह टिप्पणी भी लिख पाएं क्योंकि ना लिख पाने के पीछे अनेक कारण भी हो सकते है इन्ही कारणों को दूर करने के लिए, लोगों को  टिप्पणी लिखने में मदद करने के लिए आज मैं यह पोस्ट लिख रही हूँ ताकि आपकी परेशानी को आपकी तरह से महसूस कर सकूँ और उस परेशानी को दूर करके आपको यह बता सकूँ कि  एक टिप्पणी किस तरह पोस्ट की जाती है  


तो चलिये जानते है किसी ब्लॉग पर टिप्पणी कैसे करें -


1.
आपने ब्लॉग खोला 

 आपने मेरा ब्लॉग खोला और आपको जो भी पोस्ट अच्छी लगी वह आपने पढ़ ली है फिर अच्छी तरह से पढ़ने के बाद


2.  आपने देखा होगा कि  ब्लॉग पोस्ट के अंत में हिन्दी में लिखा होता है 'टिप्पणी जोड़े' या अंगरेजी में लिखा होता है 'post a comment' तो आप 'टिप्पणी जोड़े' पर क्लिक करें जैसे ही आप उस पर क्लिक  करेंगे तो आपको एक चौकोर बॉक्स दिखाई देने  लगेगा जिसमें लिखा हुआ होता है 'अपनी टिप्पणी लिखे' ...


3. अब इस बॉक्स के नीचे देखिये उस बॉक्स के नीचे लिखा होता है 'इस रूप में टिप्पणी करें' यहाँ आपको एक लिस्ट दिखाई देगी जिसमे आपको अपने गूगल अकाउंट के आगे टिक करना है सामान्यतः आपका मोबाइल गूगल अकाउंट से ही चलता  है  

4. जहाँ  आपका खाता अकाउंट दिखाई देता है और उस पर एक तीर का निशान होता है जिसका मतलब होता है की gmail या उसके अलावा अगर आपके कोई अन्य एकाउंट है तो आप उस एकाउंट से भी साइन इन करके भी टिप्पणी कर सकते है



5. अब आपको करना क्या है ? आपको करना यह है कि  आपको ब्लॉग पढ़ने के बाद जो भी विचार आपके मस्तिस्क में आता है कि  आपको कैसा लगा ब्लॉग पढ़कर , उसमें आपको क्या अच्छा लगा , कुछ कमी लगी या आपकी कोई राय जैसे उसमें कुछ और भी होना था या कुछ और आप लिखना चाहते है वो लिख सकते है 
अपने विचार टिप्पणी के रूप में लिखिये 

6.  लिखने के लिए आप कर्सर को बॉक्स में ले जाएँ जैसे कि आप व्हाट्स एप या फेसबुक में लिखते हैं तब आपका की बोर्ड खुल जायेगा आप वहाँ अपनी टिप्पणी लिख दें

लिखी हुई टिप्पणी प्रकाशित करें 

7. अब नीचे देखें वहाँ प्रकाशित करें या publish जैसा कुछ लिखा होगा उस पर उंगली से क्लिक कर दें या लैपटॉप में कर्सर वहाँ ले जाकर क्लिक करें इसके बाद आपको दिखाई देगा ' प्रकाशित हो रहा है या publishing .
 कुछ देर प्रतीक्षा करने आपका कमेन्ट वहाँ दिखाई देने लगेगा


गूगल के पन्नों पर आपके नाम के साथ ब्लॉग पर गई टिप्पणी 

8. आपकी टिप्पणी हमेशा - हमेशा के लिए इन्टरनेट पर सुरक्षित हो जायेगी इन्टरनेट में गूगल सर्च में जब भी आप अपना नाम टाइप करेंगे तो आपको ब्लॉग पोस्ट के साथ यह टिप्पणी देखने को मिल जायेगी इस तरह से आपका नाम गूगल सर्च के पन्नों में जुड़ जाएगा

यह पोस्ट आपको कैसी लगी मुझे टिप्पणी में लिख कर बताइयेगा ना !

स्टीविया वाला चूडा

                 
     
नमकीन प्यारा चूडा
        मित्रों चूडा एक ऐसा नमकीन व्यंजन है जो लगभग सभी को पसंद आता है क्योंकि चाय के साथ या फिर खाने के साथ चूडा हो तो खाने का स्वाद और बढ़ जाता है सभी प्रान्तों में चूडा अलग - अलग तरीके से बनाया जाता है कहीं पर मुरमुरा डाला जाता है तो कहीं पर सेव तो कहीं पर बेसन सेव , हर जगह के चूडे की बात निराली है आज मैं आपको स्टीविया और अलग - अलग चिप्स वाला चूडा बनाने की रेसिपी बता रही हूँ आप भी अपने किचन में ट्राय कीजिए ।


सामान चूडा बनाने के लिए आपको चाहिए
२५० ग्राम पतला पोहा
१ पाँव मुरमुरा
१०० ग्राम फल्ली दाना
१०० ग्राम दालिया
१०० ग्राम मक्का चिप्स , आलू चिप्स , साबूदाने के चिप्स
हरी मिर्च , धनिया , मीठी नीम
२५० ग्राम प्याज
१०० ग्राम तेल
१ छोटा चम्मच चाट मसाला
एक चुटकी राई
आधा चम्मच अमचूर
नमक स्वादानुसार
स्टीविया या सादी चीनी
नारियल के चिप्स
किशमिश और काजू
एक छोटा चम्मच हल्दी

चूड़ा बनाने की विधि -
१ सबसे प्याज को लम्बे - लम्बे लच्छे के रूप में काट ले , हरी मिर्च भी काट ले ।
2 प्याज , हरी मिर्च , पोहे को 2 घंटे के लिए धूप में सूखा दें ।
3 जब ये चीजें अच्छी तरह से सूख जाएं तब चूड़ा बनाने की शुरुआत करें ।

4 अब सबसे गैस चालू करके कड़ाई को गैस पर रखे और जब कड़ाई थोड़ी गर्म हो जाएं तब उसमें थोड़ा तेल डाले और उसमें एक चुटकी राई डाल दे ।

5 सबसे फल्ली दाना , मक्के के चिप्स , साबूदाना चिप्स , आलू के चिप्स ,नारियल के टुकड़ों को एक के बाद एक तलकर अलग - अलग प्लेट में निकाल ले ।

6 फिर कढ़ाई में तेल डाले और उसमें थोड़ी राई डाले हरी मिर्च डाले और प्याज डालकर लाल होने तक भूंजे उसके बाद उसमें हल्दी डालें ।

7 जब प्याज लाल हो जाएं तब उसमें पोहा डालें और मुरमुरा भी डाल दे और बहुत अच्छे से मिला लें ताकि दोनों अच्छे से पीले हो जाएं ।

8 उसकें बाद उसमें अमूचर पाउडर , नमक , दालिया , स्टीविया या सादी चीनी और काजू किशमिश डालकर अच्छे से मिला ले  ।

9 अब चूडे में जो प्लेट में आपने नारियल के टुकड़े , फल्ली दाने , चिप्स रखे थे उन्हें चूडे में डाल दे और गैस बंद कर दे और हाथों से अच्छे से सभी सामाग्री को अच्छे से मिला दे ।

10 अब चूड़े को अगर आपके किचन में टेबल है तो अखबार पर फैलाकर ठंडा होने दे जब ठंडा हो जाएं तो किसी स्टील के डिब्बे या फिर एयरटाइट डिब्बे में रखे ।

11 अब चाय की चुस्कियों के साथ या खाने के साथ इस स्टीविया और क्रिस्पी चूडे का आनन्द ले ।

यह एक ऐसा व्यंजन है जिस आप लंबे समय तक यूज कर सकते हैं यह हमारे घर में हर महीने बनने वाला व्यंजन है । हम लोग रोज शाम को चाय के साथ चूडा ही खाना पसंद करते है ।

झुग्गी झोपडी में रहने वाले परिवार और बच्चे

       झुग्गी झोपडी में रहने वाले प्यारे बच्चे 

                     
मैं और मेरी दोस्त अंजू 
                      
नये साल के पहले रविवार को हम कॉलेज के कुछ दोस्त मिलकर हमारे छतीसगढ़ के महासमुंद जिले में एक गांव सिरपुर वहां पिकनिक पर गये थे । यह सिरपुर शहर महानदी नदी के तट पर राजधानी रायपुर से 78 किमी दूर और महासामंद शहर से 35 किमी दूर बसा हुआ है यहां पर घूमने के लिए बहुत सारी जगहें है हमने भी काफी सारी जगहों का भ्रमण किया बहुत मस्ती की बीच में हम कोडार डैम गये घूमने के लिए गए डैम घूमने के बाद मैं अपनी एक सहेली अंजना  के उसके साथ वहां पास के गाँव में घूमने के लिए गई जैसे गाँव के अंदर हमने प्रवेश किया वहां गाँव के बच्चों ने हमें घेर लिया उन्होंने सोचा हम कोई डॉक्टर है और हमसें दरवाजे की आड़ में छुपते हुए बोले मैडम जी आप हमें सूई तो नहीं लगाने आई हो मैंने और मेरी सहेली ने बोला अरे नहीं बेटा हम लोग बस आपके गाँव में हुमने आये है आप बच्चे लोग हमसे डरो नहीं आप लोग खेलों आराम से 
                  
गाँव के सुकून वाले घर 
                       
गाय भैंस का खाना 
                           
 पापड नड्डा बेचता हुआ बच्चा 
                   
       फिर मैंने और अंजू दीदी ने गाँव का भ्रमण करना शुरू किया गाँव बहुत ज्यादा बड़ा नहीं था बहुत छोटा सा गाँव था गाँव के शुरूआत में ही एक पान की दूकान थी जहां पर दो भाईसाहब खटिया बैठकर दीन दुनिया की बातों में लगे हुए थे  वही पर एक बच्चा पापड नड्डा बेच रहा था क्योंकि डैम था तो लोग खरीदने आते थे हमने भी लिए ताकि उस प्यारे बच्चे की कुछ जरूरतें पूरी हो जाएं  गाँव के घर प्यार की मिट्टी से गोबर से लिपे हुए छप्पर वाले कच्चे घर थे चारों तरफ हरी - भरी हरियाली पेड़ -पौधे लगे थे कहीं - कहीं हमें गाय भैंसे भी स्टाइल से बैठे हुए मिली थी उनकी भी हमने फ़ोटो ली । अंदर सड़के नहीं पगडंडिया थी तो कहीं पत्थरों के बीच गाय - भैंस के लिए उसका खाना ( चारा ) रखा हुआ था  जिनमें से कुछ घरों में तो कुछ - कुछ कंस्ट्रकशन का काम चल रहा था क्योंकि एक दो घरों के सामने गिट्टी रेती रखी हुई थी गांव में एक अदभुत सा शांत माहौल था  गाँव की खुशबू को  हमने मन से पूरी तरह महसूस किया कोई शोर नहीं था । ऐसा माहौल था जिस माहौल की तलाश में हम कभी दार्जलिंग जाते है तो कभी उटी जाते है ऐसा सुकून उस एक पल में हमने बहुत कुछ महसूस किया की ऐसा सुकून हजारों रुपए खर्च करके भी नहीं मिलता हम पैसे खर्च करते है कुछ दिन बाहर होलीडे मनाकर कुछ ढेर सारी खरीदारी करके दर्जनों पोज में फोटो खींचकर यहाँ - वहां घूमकर वापस घर आ जाते है पर फिर भी हम तनाव में ही रहते है  एक व्यस्त दिनचर्या हर चीज हमारी अप टू डेट बोले तो हमारी लाइफ में सबकुछ एकदम आल सेट होता है सब कुछ 
बैठी हूई अम्मा बच्चों को खेलते देखती हुई 
                          यहाँ गाँव की बात ही निराली थी हम एक के अंदर भी गये जैसे ही घर के अंदर प्रवेश किया तो देखा एक बहुत बुज़ुर्ग बाबा जी खांसते हुए खटिया पर बैठकर टीवी देख रहे है हम हौले से कदम रखते हुए घर अंदर गये तो एक बुजुर्ग अम्मा कमरे के दरवाजे के सामने बैठी हुई है आंगन मिट्टी का था वहां खाना पकाने के लिए चूल्हा बना हुआ था गैस सिगड़ी नहीं थी घर में ही बाड़ी में लगी सब्जियां तोड़कर ही सब्जी बनाते है , खटिया का दांचा रखा था बगल में रसोई थी जहां पर कोई महिला खाना बनाने की तैयारी कर रही थी , आंगन में परिवार के लोगो के कुछ कपड़े रस्सी पर टंगे हुए थे आंगन में ज्यादा कुछ तो नहीं पर हाँ तुलसी चौरा था 

                        एक - एक करके वहां बहुत सारे बच्चे अपनी बॉल और छड़ी लेकर खेलने के लिए आ गये मेरे दिमाग़ में उस वक्त ख्याल आया क्यों ना इन बच्चों का कैमरे से एक वीडियो बना लिया जाए हमें वापस जाने में देर भी हो रही थी फिर मैंने सोचा की ऐसा मौका फिर मिलेगा या नही वह तो संयोग की बात है पर शायद ही फिर कभी मैं इस गाँव में दोबारा आऊ , बस बना लिया वीडियो गाँव के बहुत से घरों में बिजली ही नही थी सुनकर दुःख हुआ एक या दो ही घरों में थी बिजली , हम लोग अपने घरों में हर रोज हजारों रुपयों की बिजलियाँ जलाकर रोशनी कर देते है और कुछ घर ऐसे भी होते है जहां रोशनी भी नहीं होती है उन घरों में वे लोग लालटेन या मोमबती जलाते है पानी लाने के लिए दूर एक हैन्डपम्प लगा था वहां गाँव की स्त्रियाँ रोज सुभ लाइन लगाकर पानी भरकर लाती है गाँव में स्कूल नहीं है तो बच्चे पढ़ने भी नहीं जाते है बच्चे खेलते है शाम होते ही तारों की छांव में घर की महिलाएं खाना बनाती है घर के काम करती है काम निपटाकर कुछ देर आराम करती है या तो गांव की सखियों संग बातें करती है गाँव के पुरुष वर्ग मजदूरी करके अपने परिवार का पेट पालते है , बच्चों के पास कुछ कपड़े थे हम रोज यहाँ नए - नये कपड़े पहनते है मेरा निवेदन है अगर आपके पास पुराने कपड़े हो तो उन्हें उन लोगों को दे दीजिए जिन्हें इनकी जरूरत है । कितना अलग जीवन था गाँव के लोगों का हमारे जीवन से बिलकुल अलग जिसके बारे में सोचते नही है ऐसा भी जीवन होता है हम दर्जनों तनाव अपने दिमाग़ में पाले घूमते रहते है  जरूरतें सीमित ना किसी बात का तनाव , ना ज्यादा खर्चे , ना कोई फैशन ना दिखावा , थोड़ी सी चीजों से सूख थोड़े साधनों से मनोरंजन, थोड़ी सी जरूरतें, थोड़े से पैसों में गुजारा , बच्चों को स्कूल जाने की ना अपने आने वाले की कल की चिंता ना और ना इस बात की फ़िक्र की उन्हें बड़े होकर क्या बनना है 
                   
                          वापस जाते वक्त सारे बच्चों ने हमारी टीम को बाय - बाय बोलकर विदा किया गाँव के लोगो का यह अपनापन देखकर बहुत अच्छा लगा ऐसा लग रहा था की काश थोड़ा वक्त और होता तो यहाँ कुछ देर रुक सकते थे पर क्या कर सकते थे वापस तो आना ही था मैंने गाँव के लोगो उनके जीवन को बहुत बारीकी से महसूस किया और उसी वक्त बस में बैठते ही सोच लिया था की इनके जीवन के बारे में गांव के इस सुखद माहौल पर तो कुछ लिखूँगी ही   दुर्ग वापस आते वक्त बहुत सारी सोच रही थी मेरे दोस्तों ने पूछा अरे कोपल क्या बात है भई क्या सोच रही हो मैंने कहा की गाँव और गाँव के माहौल के बारे में सोच रही हूँ क्या ये बच्चे क्या इसी तरह झुग्गी झोपड़ी में रहकर अपना सारा जीवन बीता देंगे क्या ये बच्चे कभी स्कूल जाकर पढ़ाई नहीं कर सकेगे क्या गाँव के लोगों का जीवन सैदेव एक जैसा ही रहेगा फिर लगा ये तो वक्त है हो सकता है वक्त बदलें तो उनके जीवन में भी बदलाव आये 
गाँव के सुखद वातावरण में खेलते बच्चों पर वीडियो 

झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले ये बच्चे
ना स्कूल फ़िक्र ना कन्धो पर इनके बस्ते
ना किताबें ना एक निशिचिनता में जीते
खेल तमाशे ना कल की चिंता
मिट्टी में घर बनाते लकड़ी से खेलते
तारों वाली रात में बिन सपने सोते
ना खर्चे ना कोई फैशन वाला जीवन
झुग्गी में झूलते गिरते उठते चलते
झुग्गी झोपड़ी में खिड़की से झांकते बच्चे





मत दे मौका मत बन मौका तू , हो होशियार मत बन शिकार तू






         आज का ज़माना पहले की तरह सेफ नहीं रहा कल के बीते हुए ज़माने और आज के ज़माने में बहुत फर्क है आज का समय हादसों वाला समय है हर पल हर वक़्त स्त्रियां महफूज नहीं है उनके साथ कोई ना कोई अनहोनी होती ही रहती हैं । अखबार उठाओ पढ़ने के लिए तो सबसे पहली खबर पढ़ने में आती है इस महिला के साथ या छोटी बच्ची के साथ अपराध हो गया है न्यूज देखो तो कहीं ये सुनने को मिलता है की फलां महिला या बच्ची के साथ रेप हो गया है यह अपराध तो लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं इसे तो रोकना हमारा फर्ज है आज लोगों के जीवन जीने का तरीका बदला है बहुत सी महिलाओं को सुबह से घर के काम निपटाकर नौकरी के लिए निकलना होता है तो किसी लड़की को कॉलेज जाना है ये महिलाओं की जिंदगी का अहम हिस्सा है की वो रोज सुबह से घर से निकल जाती है हमें अपनी हिफाजत खुद करनी है ताकि जरूरत पड़ने पर हम अपनी रक्षा खुद कर सके क्योंकि जब आप पर कोई हमला होता है कोई आदमी आपके साथ छेडछाड़ करने का प्रयास करता है तो उस वक्त आपके पास आपकी मदद करने के लिए बहुत जल्दी कोई नहीं पहुंच सकता है आपको स्वंय उस मुसीबत से बाहर आना है   



 
  •  जब आप भी बाहर जाए तो पूरी तरह खुद में व्यस्त ना रहे गाड़ी चलाते हुए फोन पर बात नहीं करे कहीं उतर जाएं या जब आप ऑफिस पहुँच जाए तब अटेंड कर लें अगर आप रात को लौट रही है ये बिलकुल ना सोचे की रात का सफर है आसानी से गप्प मारते या बात करते हुए निकल जाएगा इससे ध्यान भंग होता है और आपको पता नहीं चलेगा की आपके पास कोई मुसीबत आ रही है  
 
 
  •  अगर आप ऑफिस जाते समय , कोलेज या एनी किसी काम से बाहर जा रही है तो गाड़ी , बस या ऑटो में चढ़ते समय हमेशा इस बात ध्यान रखे की ऐसे व्हीकल वाहन में बिलकुल ना बैठे जिसमें सिर्फ ड्राइवर और कन्डक्टर हो 4- 5 लोग बैठे हो तो भी चढ़े कई बार ऐसा भी होता है की जो लोग बैठे हुए हो वे ड्राइवर और कन्डक्टर के साथी भी हो सकते है जो उसमें पहले से बैठे हो उसमें ना बैठे   
 
 
  •   मोबाइल आपका सबसे सुरक्षा साथी इसें घर से निकलने के पहले अपने पर्स में अपने साथ बिना भूले रखे हमेशा अपना फोन चार्ज रखे अपने फोन कभी भी कोई लॉक , पासवर्ड ना रखे एक आसान सा लॉक रखे अगर कभी आपको अपने घर पर सूचित करना हो तो बार - बार घबराहट की स्थिति में लॉक खोलने से आप किसी मुसीबत में फंस सकती है जब भी कभी आप अकेली ऑटो में बैठी हो तो अपने घर पर पिता , भाई ,पति को जरुर गाड़ी का नम्बर की जानकारी दे दे की आप किस ऑटो में सफर कर रही है कब तक घर पहुंचेगी ड्राइवर को यह आभास हो जाएगा की आपने घर पर नम्बर बता दिया है तो वह आपके साथ बुरा करने से पहले कई दगा सोचेगा हमेशा अपने मोबाइल में अपने घर के ख़ास लोगो के नम्बर जैसे की पिता , भाई , पति  ,मम्मी , आसपास रहने वाले दोस्त , या रिश्तेदार जिन्हें आप अच्छे से जानती हो जो जरूरत पड़ने पर तुरंत आपकी मदद के लिए आपके पास पहुंच सके उनके नम्बर हमेशा अपने फोन के सबसे ऊपर की लिस्ट में रखे क्योंकि जब कोई मुसीबत आती है तो घबराहट की स्थति में बीच - बीच में से नम्बर ढूढने में आपका टाइम वेस्ट होगा इसलिए आप अपने फोन में इस तरह नम्बर सेव करे जैसे मैंने अपने फोन में किये है A PAPA BSNL , A MUMMY IDEA , इससे आपके नम्बर हमेशा कांटेक्ट लिस्ट में सबसे ऊपर दिखेगे जरुरत पड़ने पर आप उन्हें तुरंत कॉल कर सकती है या फिर स्पीड डायल में रखे नम्बर्स अपने   


  •  अपने कपड़ों पर भी ध्यान दे की जो आप पहन रही है वो मॉडर्न होने के साथ शालीन सुविधाजनक हो आप बाहर निकल रही है तो इसका यह मतलब नही है की आपको कुछ भी पहनने के लिए फ्री छूट मिली है अगर आप अकेले सफर करती है तो आपके कपड़े हमेशा सहज होने चाहिए उनमें आपको आराम मिलना चाहिए कपड़े ऐसे बिलकुल ना पहने जो एक झटके में फट जाएँ या खुल जाएं या जिन्हें पहनने पर आप दौड़ ना सकें आपकी चप्पल भी आराम देने वाली हो ऊँची हील ना पहने इनसे जरूरत पड़ने पर आप दौड़ सकती है   


  •  अगर आपका घर दूर है तो ऑटो वाले हो भीड़ वाले रास्ते से ही चलने के लिए कहे रास्ता लम्बा हो पर आपकी जानकारी में होना चाहिए जिसे आप पहचानती हो अंधेरी वाली जगहों से  बचकर चलें अगर आप उन रास्तों से अनजान हो तो ड्राईवर को इस बात का पता भी ना चलने दे अकेली बैठी हो गाड़ी में ना सोएं सफर के समय अपना ध्यान चौकस रखे रस्ते में पड़ने वाले पुलिस चौकी या टेलीफोन बूथ पर नजर दौड़ते रहे   

  •  अगर आप का ऑफिस या जिस जगह आप जाती है वो पैदल चलकर जाने वाला हो तो अनजान लोगों से जिन्हें आप अच्छी तरह नहीं जानती है उनसे लिफ्ट मांगने की गलती ना करें जितना हो सके पैदल चले अपना बैग उस तरफ रखे जिस तरफ दीवार है अगर कोई कार में बैठा व्यक्ति आपको लिफ्ट देने के लिए कहता है तो उससे दूरी बनाकर चलती रहे अगर आपके पैदल चलते वक्त कोई पीछा करता है तो आसपास जो भी घर पहला दिखता है उस घर की कॉल बेल बजा दे और लोगो से मदद मांग सकती है अगर आप रोड पर चल रही हैं तो हेडफोन का प्रयोग न करें क्योंकि इससे हमलावर आप पर पीछे से हमला करेगाआपको पता भी नहीं चलेगा और आप संभल भी नहीं पायेंगी।

  •    अगर आप किसी पार्टी में गई है तो अकेले ना जाएं किसी महिला दोस्त के साथ जाएं कोई अनजान व्यक्ति हो तो दूरी बनाकर रखे आप जानती है की आजकल किस तरह सॉफ्ट ड्रिक देकर किस तरह गलत हरकते की जाती है ड्रिंक ली समय सावधान रहे सॉफ्ट ड्रिंक बिलकुल ना ले कोई कितना भी ऑफर क्यों ना करे ध्यान रखें उसमें कोई कुछ मिला ना पाएं ड्रिंक खत्म करके ही उठे और अगर आपको ड्रिंक आधी छोड़कर बाहर जाना है तो वापस आने पर दूसरा ड्रिंक ले   


  •    हम तैयार रहे ऑटो या टैक्सी का नम्बर हमेशा मोबाइल के टेक्स्ट में रखे आपको थोड़ा सा भी यह महसूस होता है कि कुछ गडबड है तुरंत वह नम्बर अपने घरवालो को भेज दे घर पहुंचने पर एक हाथ में चाबी और दुसरे में मोबाइल पकड़ी रहे पुलिस और घर के नम्बर स्पीड डायल में रखे  


  • आजकल सबको पता है शोपिंग मॉल में रखे कैमरे से कितनी घटनाएँ होती है हमेशा मॉल में कपड़े चेंज करते हुए पहले यह देखे की कोई संदिग्ध दरार कोई छेद कील या लाईट दिखे तो कपड़े ना बदलें अगर आप कहीं ट्रेवल कर रही है तो भीड़ वाली जगहों पर पिट्ठू बैग का प्रयोग करे ताकि आप दोनों हाथ खाली रहें जरूरत पड़ने पर आप अपना बचाव कर सके   

  • आप जहाँ जिस एरिया में रहती है वहां गाड़ी को पार्क करते वक्त ध्यान रखे रात के वक्त बेसमेंट में गाड़ी पार्क करने से बचे वहां मोबाइल काम करना बंद कर सकता है गाड़ी हमेशा जहां भरपूर रोशनी हो वहां रखे गाड़ी हमेशा रिवर्स करके खडी करे ताकि जरूरत पड़ने पर आप तुरंत बाहर निकल सकें घर की चाबी हमेशा पर्स से पहले से निकालकर रखे गाड़ी के पास जाकर ना पर्स खोले ना चाबी तलाशे यह हादसे को न्योता दे सकता है  

  • अचानक गाड़ी बीच में खराब हो जाये तो सबसे पहले घरवालो को अपने दोस्त या जानकार को पहले कॉल करके अपनी स्थिति के बारे में बता दे इस वक्त किसी अनजान से मदद ना ले जब तक आप उस व्यक्ति को अच्छी तरह नहीं जानती हो क्योंकि अनजान व्यक्ति इन्ही मौको का इन्तजार करते है   सबसे महत्वपूर्ण बात अपने आपको मजबूत बनाएं डरे या घबराएं नहीं हिम्मत से काम लें किसी भी हादसे के लिए तीन चीजें होती है एक - अपराधी दूसरा शिकार और तीसरा सही मौका इनमे से सबसे आसान तरीका है मौका देने से बचना स्वयं को किसी का शिकार ना बनने दे और उस अपराधी से निपटना  बहुत से सेक्सुअल अटैक उन महिलाओं पर होते है जो महिलाएं कॉंफिडेंट नहीं होती है जिनकी बॉडी लैंग्वेज को देखकर नहीं लगता की वो कॉंफिडेंट है अपराधी उन्ही महिलाओं को आसानी से अपना शिकार बना लेते है जो बहुत आसान टार्गेट होती है ऐसे में जब भी सड़क पर चलें तो एक सिपाही की तरह मजबूती से चलें ना की किसी छुईमुई सी ऐक्ट्रेस के जैसे नीचे ना देखकर सतर्कता और जागरूकता से सामने देखकर चली रहें   
   
  •  कब क्या कैसा अनजान मौका आ सकता है वो तो कोई नहीं जानता ना आप जानती है हर वक्त कोई आपकी  मदद  के लिए आगे नहीं आ सकता है अपना बचाव स्वयं करना सीखे इसलिए आप खेलकूद , जूडो कराटे सीखे किक ( लात मारना ) काटना , प्रहार करना तेजी से दौड़े ,छलांग लगाएं , हमेशा जहां भी जाएं घरवालों को सूचना देकर जाएं अपने पर्स में ऐसी चीजे रखे जिनसे आप किसी हमलावर पर प्रहार कर सके , अगर ऑटो में कोई आपके साथ कुछ गलत करने की कोशिश करें तो अगर आपके पास दुपट्टा स्कार्फ हो तो उसका गला घोट दे और इससे गाड़ी रुक जायेगी और आप तुरंत गाड़ी से जल्दी से उतरकर भाग जाएं   

  • आप जब भी घर से बाहर निकलें तो कुछ चीज़ें हमेशा अपने पास रखें जैसे तेज़ धार दार चाकूमिर्ची स्प्रेपेपर स्प्रे और इनको ऐसी जगह रखें ताकि ज़रूरत पड़ने पर आप इनका इस्तेमाल कर सकें। इसे आप हमलावर की आँखों में स्प्रे कर भाग सकती हैंजब तक वह संभलेगा तब तक आप भाग जायेंगी । 

  •   हादसेघटना कभी भी और कहीं भी हो सकते हैं इसलिए हमेशा सावधान रहें। आप ख़ुद की सुरक्षा के लिए उस पर हमला भी कर सकती हैं। लेकिन पहले अपनी क्षमता को जानना बहुत आवश्यक है।
 
  •   ध्यान रहे की आप में विशवास और साहस होना बेहद जरूरी है क्योंकि इसी  साहस के दम पर आप हमलावर पर हमला कर सकती है    

  •   जब हमलावर उन पर अटैक करता है तो ऐसी कितनी महिलाएँ हैं जिन्होंने अपने आस पास की चीज़ों का जैसे पर्सझाड़ूडंडेसैंडलपानी से भरी बोतल का सही इस्तेमाल कर हमलावर को धूल चटाई है

  •    याद रहे पहली बात ख़ुद को झटके से तुरन्त उनसे छुड़ाकर उन पर किसी भी चीज़ से वार करने की कोशिश करेंताकि आप स्वयं को बचा पाएं

  • वीक पॉइन्ट पर मारें: आदमियों का सबसे ज्यादा नाजुक हिस्सापेनिसघुटने और नाक होती है। इन अंगो पर कसकर अपने हाथ से वार करे इससे वह दर्द के कारण कुछ गलत नही कर पायेगा

  • कभी आपको लगे की आपके पास ख़ुद को बचाने के लिए कोई सामान नहीं है तो भी आप अपने शोर मचाकर भीड़ इकठ्ठा करने की कोशिश करें। ख़ुद को बचाने की तब तक हर कोशिश करनी है जब तक यह कोशिश क़ामयाब न हो जायें।

  •  अगर आप किसी के शिकंजे में बुरी तरह फंस चुकी हैं तो उसे काट लें और वह से भाग निकलें। आप चिल्ला-चिल्ला कर हेल्प भी मांग सकती हैं अगर वहां आसपास बस्ती है।  थोड़ी सी हिम्मत हो तो किसी भी तरह से उसकी टांगों को पकड़कर घसीटें और उसे ज़मीन पर गिरा दें जिससे आप उस पर हावी होकर हमला कर सकती हैं।


  • आप घबराएं नहीं। डर की वजह से शक्ति आधी हो जाती है। हिम्मत रखें और रोएं नहीं।

  • याद रहे यदि आप थोड़ी सी समझदारी का प्रयोग करें तो आप अपने दुपट्टे से भी उसको झटके से फँसाकर उसे गिरा सकती हैं और उसी दुपट्टे से उसके हाथ और पैर को बांध कर अपनी सुरक्षा कर सकती हैं।

मत दे मौका मत बन मौका तू 
हो होशियार मत बन शिकार तू 
कर हमला मत घटा हौसला तू
खुद बन अपनी बुलंद आवाज तू
हाथ बना ले अपना मुक्का तू
पांव से कर वार मौको पर तू
मत दे मौका शिंकजो में कसने का तू 
बढ़ा कदम बन अपनी हिम्मत तू
मत दे मौका मत बन मौका तू ।


घर की ठंडी छाँव में छुट्टियां

         
           प्रिय मित्रों इस पूरी दुनिया में कितने सारे लोग है जो घर से बाहर निकलकर या तो पढ़ाई करने दुसरे शहर जाते है या घर से दूर नौकरी करने जाते है जब वो छुट्टीयों में अपने घर जाता है तब क्या महसूस करता है जब छुट्टियां खत्म हो जाती है तब उसके मन में किस तरह के विचार आते है मेरे जीवनसाथी भी मुझसे दूर है , अपने माता पिता से , घर से दूर है तो उनके और उनके जैसे तमाम लोग जो अपने परिवार दूर एक अलग ज़िन्दगी बिताते है तो उनके मन में किस तरह के विचार उमड़ते होंगे उन्ही विचारों को सोचकर मैंने यह कविता लिखी है


आज फुर्सत के कुछ लम्हें ढूंढता हूँ ।
ठंडी छाँव है मेरे घर की
फिर इन छाँव में बैठने के बहाने खोजता हूँ ।
उजाले है दिनों धूप की ,चमक है रात की
फिर इन सबको जीना चाहता हूँ ।
महक है मेरे घर की मुझमें
फिर इस महक से महकना चाहता हूँ ।
है रहना कुछ ही दिन मेरे बसेरे में
फिर इस बसेरे में ही रहना चाहता हूँ ।
मुझे देखकर होती हैं जिन्हें खुशी  
मैं उन्हें फिर खुश करना चाहता हूँ ।
मेरे वापस जाने से होती है उनकी आँखों में नमी
उनके चेहरे पर फिर मुस्कान बन जाने की कोशिश करता हूँ ।
बन जाता हूँ लौटकर भीड़ का हिस्सा
फिर अपने बेसरे पर लौटने की चाहत रखता हूँ ।
है परेशानियां इन दिनों कुछ मगर
फिर भी अपनी हंसी में परेशानी छुपाने की कोशिश करता हूँ ।
मैं अकेला हो जाता हूँ अपने गम में फिर एक मुस्कान से गम मिटाता हूँ ।
मैं फिर याद करता हूँ फुर्सत के उन लमहों को
सफर पर चलता अकेला ही हूँ
फिर सबके साथ चलने की कोशिशें करता हूँ


चेहरा हमारी पहचान उसका रखे ध्यान


मित्रों हम रोज घर से बाहर निकलते है धूल ,गन्दगी , धुआं प्रदूषण से हमारे चेहरे का सामना होता है और भागदौड़ के चलते एक बेहतरीन देखभाल नहीं हो पाती है हमारी त्वचा के लिए हमारे चेहरे के लिए वक्त तो निकालना ही है  
सौंदर्य प्रसाधनों, तनाव, गलत खाने की आदतें आदि हमारी  त्वचा की प्राकृतिक चमक और सौम्यता को छीन लेते है| हमारे जीवनशैली में त्वचा की देखभाल हमारी नज़र में न केवल महत्वपूर्ण योगदान देती है, बल्कि आप अपने बारे में कैसा महसूस करते हैं, आपको इसका भी ध्यान रखना चाहिए |
आज हमेंसौंदर्य प्रसाधनों को लुभाने वाले कई सौंदर्य पत्रिकाएं मिलती हैं, लेकिन फिर आप सौंदर्य प्रसाधनों के बारे में निश्चित नहीं कर पाते हैं। भ्रम की स्थिति के कारण प्राकृतिक उपचार ही हमारे अंतिम उपाय होते हैं| प्राकृतिक उपचार बहुत प्रभावशाली होते है, जो आपकी त्वचा को चमक और खूबसूरती प्रदान करते हैं| प्राकृतिक सौन्दर्य पत्रिकाए(चेहरे के लिए प्राकृतिक सौंदर्य युक्तियाँ) है, जो आपके चेहरे पर उस चमक को वापस ला सकती है |
किचन से हमारे चेहरे के लिए बेहतरीन सौंदर्य टिप्स
सबसे पहली बात किसी भी बात का तनाव ना ले क्योंकि जब आप प्राकृतिक रूप से खुश रहंगे तो आपकी त्वचा अपने आप निखरेगी फिर आपको किसी ब्यूटी प्रोडक्ट की जरूरत नहीं पड़ेगी पर फिर भी जरूरत पड़ती है अपने चेहरे के सौन्दर्य को बनाएं रखने के लिए अपनाएं ये टिप्स हमारी रसोई ही एक ऐसी जगह जहां हमारी सुन्दरता को बनाएं रखने के और चेहरे को साफ़ रखने के लिए एक से एक प्रोडक्ट मौजूडी है जिनसे हमारे चेहरे और त्चचा को नुक्सान तो नहीं पर फायदा बहुत होगा

हमारी रोजमर्रा की हलचल में त्वचा की देखभाल नहीं हो पाती है, और हमारी त्वचा शिथिल पड़ जाती है| यह रासायनिक सौंदर्य प्रसाधनों, तनाव, अनुचित खाने की आदतें आदि हमारी  त्वचा की प्राकृतिक चमक और सौम्यता को छीन लेते है| हमारे जीवनशैली में त्वचा की देखभाल हमारी नज़र में न केवल महत्वपूर्ण योगदान देती है, बल्कि आप अपने बारे में कैसा महसूस करते हैं, आपको इसका भी ध्यान रखना चाहिए|
आज सौंदर्य प्रसाधनों को लुभाने वाले कई सौंदर्य पत्रिकाएं मिलती हैं, लेकिन फिर आप सौंदर्य प्रसाधनों के बारे में निश्चित नहीं कर पाते हैं। भ्रम की स्थिति के कारण प्राकृतिक उपचार ही हमारे अंतिम उपाय होते हैं| प्राकृतिक उपचार बहुत प्रभावशाली होते है, जो आपकी त्वचा को चमक और खूबसूरती प्रदान करते हैं| प्राकृतिक सौन्दर्य पत्रिकाए(चेहरे के लिए प्राकृतिक सौंदर्य युक्तियाँ) है, जो आपके चेहरे पर उस चमक को वापस ला सकती है|
मॉइस्चराइज करें 
अगर आपके चेहरे की चमक खो गई है तो एक नियम बनाएं की आपको अपने चेहरे की सफाई करनी है टोनिंग करना है मॉइस्चराइज करना है चेहरे की सफाई के लिए गुलाब जल सबसे बेस्ट और कूल साधन है एक छोटा सा रुई के टुकड़े को गुलाब जल में भिगो ले और उसका पानी कम करे फिर अपने चेहरे पर लगाये इसकी  ताजगी भी मिलेगी और चेहरा साफ़ रहेगा इसे दिन में दो बार करें आपको मुहांसे नहीं होगे अगर आप ऑफिस में है तो भी आप अपने पर्स में गुलाब जल की मिनी बोतल रख सकते है और थोड़ी सी रुई जब आपको फ्री टाइम मिले कर सकते है यह टिप महिला पुरुष दोनों के लिए है
अपनी एक दिनचर्या बनाएं और चेहरे की सफाई और टोनिंग करे
हमेशा दिनचर्या का पालन करके चहरे की सफाई और टोनिंग करें। तुलसी का पानी एक पौष्टिक टोनर के रूप में काम करता है, आप इसे रुई के एक टुकड़े की सहायता से उपयोग कर सकते हैं। इसके बाद  प्याजको पीसकर गाढा लेप,  मुल्तानी  मिट्टी और शहद का मिश्रण बनाकर चेहरे पर लगाने से ताज़गी और चमक वापस आती है, इसे  प्राकृतिक मॉइस्चराइज़र के रूप में प्रयोग करते है। चमकदार चेहरे को पाने के लिए इसका उपयोग करें |
मुल्तानी मिट्टी का प्रयोग एक पैक के रूप में
गर्मी के दिनों में भी चेहरे की त्वचा धुप की वजह से बेजान हो जाती है एक पैक जो मैं हमेशा गर्मी के दिनों में अपने चेहरे पर लगाती हूँ मुल्तानी मिट्टी का एक कटोरी में मुल्तानी मिट्टी लीजिए उसमें 5 बूँद गुलाब जल लीजिए एक चम्मच बेसन , एक चम्मच हल्दी , एक चम्मच चन्दन थोड़ा सा पानी अब इसे घोल लीजिए और चेहरे पर लगाइए इसे लगाने से चेहरे कीत्वचा साफ़ निखरी रहेगी और चेहरे को गर्मी के दिनों में ठंडक मिलेगी ।
नींबू के रस का प्रयोग स्क्रब के रूप में करें
मीठे बादाम का तेल और नमक के साथ नींबू के रस को मिलाएं और अपनी उंगलियों या रुई की सहायता से इसे अपने चेहरे पर मालिश करते हुए लगाये। यह प्राकृतिक स्क्रव से आपके चेहरा से मृत कोशिकाओं खत्म करके आपकी त्वचा को दमका देगा, नींबू के रस से चेहरे के दाग धब्बे और दाने नहीं रहेंगें |
टेन को हटाने के लिए आटा या बेसन का प्रयोग
अगर धुप के कारण आपकी स्किन झुलस गई है तो बेसन एक बेहतरीन वस्तु पहले के समय से बेसन सुन्दरता निखारने के लिए बेस्ट आप्शन है सनबर्न के कारण जली हुई त्वचा के इलाज के लिए, आप एक चम्मच बेसन (आटा), दो चम्मच दही का मिश्रण बनाकर  लगा सकते हैं। । इसे आधे घंटे के लिए चहरे पर लगाकर सुखा ले, फिर ठंडे पानी से धोलें। यह आपकी त्वचा को स्पष्ट, नरम और चमक प्रदान करता है। संवेदनशील त्वचा के लिए,  इस मिश्रण के साथ दही मिलाएं और लेप बनाकर लगाएं ।
सुंदरता के लिए ककड़ी
यदि आप एक स्वस्थ त्वचा चाहते हैं, तो इसका जवाब है ककड़ी | ककड़ी एक ऐसी वस्तु जिसे कच्चे दूध के साथ ककड़ी का एक पेस्ट लगाने से आपका रंग निखर जाता हैं। ककड़ी का रस 15 मिनट तक लगाकर ताजे पानी से धो लें। यह आपकी त्वचा को सौम्य एवं नरम करने में भी मदद करता है ।
चमकदार त्वचा के लिए टमाटर
टमाटर हमारी त्वचा के लिये एक एंटी-ऑक्सीडेंट हैं, जो त्वचा से झुर्रियों को मुक्त करता है,  दो बड़े टमाटर का गाढ़ा लेप बनाकर अपने चेहरे पर समान रूप से चारों ओर लगायें 20 मिनट के बाद ठंडे पानी के चहरा साफ़ कर ले। एक पेस्ट बनाने के लिए, एक दिन के दही में टमाटर का गूदा मिलाएं, और पेस्ट बनाकर सुबह लगाये और कुछ देर बाद पानी से धोलें, यह आपके चेहरे को सुंदर, उज्ज्वल और चमकदार बनाएगा और आपका रंग भी साफ़ करेगा |
टमाटर  हमारी त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं, क्योंकि वे ठंडे और कसैले गुण के होते हैं। यह स्वाभाविक रूप से अम्लीय है,  इसलिए यह त्वचा में संतुलन बनाये रखते है और तेलिय त्वचा से छुटकारा पाने में मदद करते  है। समान रूप से अपने चेहरे पर टमाटर का गूदा केवल 15 मिनट लगाकर सुखाकर गर्म पानी से अपना चेहरा धो लें, यह आपके चेहरे को स्वाभाविक रूप से प्राकृतिक चमक प्रदान करता है ।
ब्लैकहेड्स को हटाने के लिए नींबू के साथ ककड़ी
स्वाभाविक रूप से ब्लैकहैड्स को निकालने और एक साफ़ त्वचा बनाने के लिए, ककड़ी का रस और नींबू का रस बराबर मात्रा में लेकर एक लेप तैयार करें। स्नान करने से पहले अपने चहरे, गर्दन पर इस लेप को लगायें| आपकी त्वचा को कम से कम दस मिनट तक अवशोषित करने दें, नियमित रूप से इसके उपयोग से आपके ब्लैकहैड्स कम हो जायेंगे |
शुष्क त्वचा के लिए प्राकृतिक चेहरे का पैक
यदि आपके चेहरे की त्वचा रुखी और बेजान हो रही है, तो मसला हुआ खरबूजा , कद्दू, ककड़ी और तरबूज की  बराबर मात्रा लेकर लेप तैयार करें। इसे दूध क्रीम के साथ मिश्रण बनायें, और यह अपने चेहरे पर लगायें। लेप को एक घंटे तक सूखने के लिए छोड़ दें और सादे पानी का उपयोग करके धोलें। यह शुष्क त्वचा को हटाता है, जिससे आपकी त्वचा पर एक ताज़ा जीवंत नज़र आता है ।
कैसे त्वचा छिद्रों स्वाभाविक रूप से भरें
एक सेब के पतले पतले टुकड़े कर लें, इन्हें चेहरे पर रखें और 15 मिनट के लिए छोड़ दें। ये अतिरिक्त तेल कम करता है और छिद्रों को भरता है| आप सेब के छिलका, शहद, सिरका, और मुल्तानी मिट्टी का पतला लेप भी बना सकते हैं। इसे 30 मिनट के लिए लगायें, और गुलाब के पानी के साथ धोलें। यह आपकी त्वचा को स्वस्थ, उज्ज्वल चमकदार और विकसित करेगा ।
चेहरे की देखभाल के लिए कुछ बुनियादी दिनचर्या
पानी और अच्छी नींद प्राकृतिक चेहरे की सुंदरता बढ़ाते हैं| प्रतिदिन 10-12 गिलास पानी और छह से आठ घंटे नींद हर दिन आपकी त्वचा को पुनर्जीवित करते है, और टूटी -फूटी  कोशिकाओं को सुधारने का काम करते है। अपना एक सही टाइम टेबल बनाएं आपको जो - जो काम करने है उनकी एक सूची बना ले उनका एक समय निश्चित करे जिससे आप अच्छा महसूस करेंगे। यह मुँहासे की दरारें , मुँहासे के निशान और अन्य त्वचा की समस्याओं के इलाज में सहायक है ।
बहुत जरूरी है हम अपने चेहरे का ध्यान रखे इन टिप्स से आप सुंदर दिखेंगे और आपकी त्वचा दमकती रहेंगी क्योंकि ये चेहरा ही तो जिसे लोग याद रखते है की वो व्यक्ति ऐसा है वैसा है इसलिए उसे अच्छा बनाएं रखना हमारी ड्यूटी है ।


मेरा ध्यान रखो मैं हूँ जीवन के अंत तक का साथी

 
मैं हूँ दांत 
         हर व्यक्ति के जीवन में उसके दांतों का बहुत बड़ा महत्व होता है मोटी जैसे दांतों वाली एक मुस्कान जो सबके चेहरों पर मुस्कान लाती है तो इस मुस्कान को हमेशा बरकरार रखने के लिए अपने दांतों की और भी ध्यान देना जरूरी है बहुत से लोग ऐसे है इस दुनिया में जिनके वक्त से पहले ही दांत गिर जाते है और जब उनसे पूछा जाता है की अरे क्या हुआ आपके दांतों को तो यही सुनने मिलता है अरे क्या करें ध्यान नही दे पाए और डांट निकालने पड़े आप ये सोचिए की आपके एक - एक मोती जैसे दांत कितने कीमती है इसलिए बचपन से ही माता पिता हमें यही सिखाते है बेटा अच्छे से ब्रश करो अच्छे मुँह साफ़ करो , दांत मजबूत होना चाहिए , कोई कीड़ा नहीं लगना चाहिए ज्यादा मीठा , चोकलेट बिस्किट मत खाओ दांतों के लिए ध्यान रखो हर महीने में दाँतों की जांच कराओ सब समझा वे क्यों कहते है क्योंकि डांट एक ऐसी चीज है हमारे शरीर की जो हमें सिर्फ एक बार मिलती है और अगर वो ही सड जाए या टूट जाए हम उनके लिए ध्यान ना रखें तो वे वक्त से पहले ही हमारा साथ छोड़ देंगे जिन्हें हमें जीवनभर चलाना है मेरे मम्मी - पापा मेरे डॉक्टर भी मुझे कहते है ध्यान देते रहना चाहिए क्योंकि अगर हम ध्यान नहीं देंगे तो सड़ने का या दांतो के ना होने का दर्द बहुत कष्टदायक होता है जिसे आप केवल दवाई लेकर ठीक नहीं कर सकते है 
एक कहावत है जो आपने सुनी होगी की
जब चना रहता है खाने के लिए तो डांट नही रहते
जब डांट रहते है तो चना नहीं रहता है

चेहरे पर मुस्कान होतो आपका व्यक्तित् निखरकर सामने आता है। लेकिनअगर आपके दांत साफ  नहीं होंगे तो आपकी मुस्कुराहट शर्मिंदगी का कारण बन सकती है। लेकिनजरा सी मेहनत और देखभाल आपके चेहरे पर ला सकती है एक मुस्कान और आपके व्यक्तित् में लगा सकती है चार चांद।

कुछ भी खाएं या पिएँ तो उसके तुरंत बाद जाकर ब्रश में थोड़ा सा पेस्ट लेकर दांतों को अच्छी तरह से साफ करना भूलें। ऐसा करने से दांतों में फंसी खाद्य वस्तुएं निकल जाएंगी। आप चाहें तो मुंह को साफ बनाएं रखने के लिए माउथवॉश का इस्तेमाल भी कर सकते हैं. साथ ही कैफीन उत्पादजैसे कॉफी और चाय , हल्दी ज्यादा कड़क चीजें ना खाएं , ज्यादा ठंडा ना ज्यादा गर्म का सेवन कम करें

अगर आपको सफेद और मजबूत दांत चाहिएतो इसके लिए अपने दांतों की दिन में दो बार नींबू के रस की मालिश करें। इसके लिए थोड़े से सरसों के तेल और नमक में नींबू का रस मिलाकर 3-5 मिनट तक दांतो को साफ करें। इसके बाद ब्रश कर लें। दांत तथा मसूड़ेंदोनों मजबूत हो जाएंगे।

आप पाने टूथब्रश को हर 6 महीने में जरुर बदल दें. क्योंकि टूथब्रश लगातार प्रयोग करते हुए गिस जाते है उनकी ग्रिप यानी की पकड़ कमजोर हो जाती है और वे दांतों को अच्छे से साफ़ नहीं कर पाते है दांतों के बीच खाने को भरा रहना दें

दांतों के लिए कोई भी मीठी खाद्य सामग्रीनुकसानदायक होती है. कैंडीटॉफीचॉकलेट या बिस्कुट आदि का सेवन करने से दांतों में कीडे लगने का डर बना रहता है. छोटे बच्चों को उनके बचपन से ही चोकलेट ,बिस्किट , कैंडी बिलकुल ना दे मेरे जो दांतों के डॉक्टर है डॉ .नितिन वैद्य वे अपने बच्चों बिलकुल चोकलेट ,कैंडी खाने नहीं देते उनके बच्चे रोते जिद करते है पर वे उन्हें नहीं देते क्योंकि वे जानते है जो चीज दांतों के लिए बुरी है तो मतलब बुरी है जिद बुरी है तो है मगर उसका इस्तेमाल भी तो नुकसान कर सकता है खाने में हर चीज अच्छी लगती है मगर जब नुक्सान पहुँचाने वाली हो वही चीज तो ऐसी चीज बच्चों को बिलकुल ना दे मैंने देखा है सभी माता पिता लाड़ में अपने बच्चों को चोकलेट , कैंडी खाने दे देते है पर बाद में जब कीड़े लग जाते है या दांतों को नुकसान पहुंचने लगता है तो वही माता पिता अपने बच्चे के दांत के लिए हजारों रुपे खर्च करके उसका इलाज करवाते है बात ये नहीं है कितने पैसे लग रहे है बात ये है की उस बच्चे के दांतों को नुकसान कितना हो रहा है माता पिता अपने लाड़ में अपने हांथो से बच्चों के दांतो को बेकार कर देते है बात भले ही बुरी लगे बच्चा जिद कर रहा है करने दीजिए आप सख्त रहकर उसकी जिद को अनदेखा करे और उसके भविष्य के लिए उसके दांतों को बचाइए क्योंकि अगर आप ही ये चोकलेट , कैंडी नाम के जहर उसे देंगे तो कल उसके दांत के कीड़े जर्म्स उसके दांतों के लिए जहर बन जायेंगे 

अगर आपके दांत पीले दिखते हैं तो किसी अच्छे पेस् का इस्तेमाल करें. बेकिंग पाउडर से दांतों को साफ कर लें. टूथपेस् की बजाय सरसों के तेल और नमक से दांतों को साफ करें. हर महीने  किसी अच्छे दंत चिकित्सक को दिखाना चाहिएचाहें दांतों में कोई समस्या हो या नहीं. इससे आपके दांत स्वस् बने रहेंगे और उनकी चमक भी बनी रहेगी. क्योंकि दांतों का गंदा दिखनापूरी पर्सनालिटी पर बुरा असर डालता है 

कई दंत चिकित्सकों का मानना है कि फ्लॉसिंग प्लाक और दांतों के बीच भोजन को हटानेमसूड़े की सूजन और रोग के जोखिम को कम करने तथा दांत क्षय के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है। इसलिए जो लोग मसूड़े को स्वस्थ्य रखना चाहते हैंउन्हें एक दिन में कम से कम एक बार फ्लॉसिंग जरूर करना चाहिए। इसे आप रातसुबह या दोपहर में कर सकते हैं

मसूड़ों को सेहतमंद रखने के नियमित रूप से दांत की सफाई कीजिए। मसूड़े मजबूर रहंगे तो डांट भी मजबूत रहंगे आपका दंत चिकित्सक जल्दी मसूड़े के रोग के लक्षणों का पता लगा सकता है। इससे पहले कि वे अधिक गंभीर हो जाएंइसका इलाज किया जाना बहुत ही जरूरी है। दांत की सफाई से केवल आपको पट्टिका से छुटकारा मिल सकता है बल्कि इससे मसूड़े स्वस्थ्य भी रहते हैं

धूम्रपान आपके स्वास्थ्य के लिए बुरा है। धूम्रपान शरीर के लगभग हर अंग को हानि पहुँचाता है। धूम्रपान छोड़ना एक सबसे महत्वपूर्ण कदम हैजो आपके दिल के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। यदि आप अपने मसूड़ों को ठीक करना चाहते हैंतो आपको धूम्रपान करना छोड़ना होगाक्योंकि यह भी कहीं कहीं मसूड़ों के रोग का कारण बन सकता है  

माउथवॉश दांतों को चमकदार और साफ बना देता है। मुंह से आने वाली बदबू आपके पर्सनलिटी के लिए खतरा होती है क्यों कि मुंह से बदबू आने पर लोग आपके पास नहीं आते। इसके लिए आप एक चिकित्सीय माउथवैश का प्रयोग करें। चिकित्सीय माउथवैश दांत पट्टिका को कम करनेमसूड़े की सूजन को रोकने या कम करने में मदद कर सकता है। यह आपके मुंह से भोजन कणों और मलबे को हटाने में मदद करता हैहालांकि यह फ्लॉसिंग या ब्रशिंग के लिए विकल्प नहीं है

ज्यादातर व्यक्ति रात को खाना खाने के बाद ब्रश नहीं करताजिससे मसूड़ों में गंदगी रह जाती है। एक नियम बनाएं रात को बिना ब्रश किए बिस्तर पर नहीं जायेंगे क्योंकि दांतों में ज्यादातर जर्म्स कीड़े रात में ही हमला करते है ऐसे में मसूड़ों से खून आने लगता है। मसूड़ों की परेशानी से बचने के लिए दिन में दो बार ब्रश कीजिए। इससे आपके दांतों और मसूड़ों के बीच फंसे भोजन और प्लाक को हटाने में मदद मिलती है। इस बात का ध्यान दीजिए कि आपका टूथब्रश बहुत ही मुलायम हो

बहुत से टूथपेस्ट मसूड़े की सूजन को कम करनेसांस को ताज़ा करने और दांतों को सफेद करने का दावा करते हैं। आप कैसे जानते हैं कि स्वस्थ मसूड़ों के लिए सबसे अच्छा विकल्प कौन सा हैफ्लोराइड वाले टूथपेस्ट का चयन करना सुनिश्चित करें। मसूड़ों को सेहतमंद रखने के लिए विशेषज्ञों का कहना है कि फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट का इस्तेमाल करना चाहिए

इस दुनिया में बहुत सारे लोग है जो कहते है अरे टूट जायंगे तो नये लग जायेंगे पर जो चीज आपके शरीर की आपके जीवन के शुरुआत से आपको मिली है उसके जैसे चाहे निकली लगवा ले पर जो चीज परमानेंट होती है उसके जैसा निकली नहीं हो सकता है या तो सेट नही होगा या फिर वो आनन्द नही मिलेगा जो परमानेंट से मिलता था 


अपने दांतों के स्वयं दुश्मन ना बने वक्त भी वक्त देता है सम्हलने और ध्यान के लिए क्योंकि जब वक्त निकल जाता है तो बहुत देर होने के बाद लापरवाही का नुकसान बहुत बुरा होता है कोशिश कीजिए आपको डॉक्टर के पास दर्द होने पर ना जाना पड़े हम कितने सारे विज्ञापन देखते है कितना कुछ पढ़ते है , कितना कुछ सुनते है दांतों के लिए फिर हम उस बेचारे दांत का ध्यान नहीं रखते और जब नुकसान हो जाता है तब हम सोचते है कि काश हम ध्यान रख लेते  तो ऐसा ही सोचकर ध्यान रखें दांत को नुक्सान पहुंच रहा है 


अगर आपको अपनी जीवन के अंत तक दांतों के साथ मुस्कान चाहिए तो अपने दांतों का ध्यान रखिए । आपके दांत आपका साथ उम्र से पहले छोड़ जायेंगे।