मैं हमेशा बारिश में टहलना पसंद करता हूँ, ताकि कोई मुझे रोते हुए ना देख सके.


चार्ली चैप्लिन को विश्व सिनेमा का सबसे महान हास्य कलाकार माना जाता है। इनका शुरुआती जीवन कई परेशानियों और अभावों का सामना करते हुए बीता था, इसके बावजूद वे अपनी फिल्मों से दूसरों को हंसाने का काम करते रहे। यहां जानिए चार्ली चैप्लिन के कुछ ऐसे विचार, जिनसे बुरे समय को दूर करने की प्रेरणा मिल सकती है अपनी हंसी से हम भी अपनी और अपनों की जिन्दगी के तमाम दुःख कर सकते है दुःख दर्द को दूर करने वाली टोनिक बहुत असरकारक है इसे पीते और पिलाते रहिए इस दुनिया में कुछ भी स्थाई नहीं है ना हम ना हमारी परेशानियां हजारों दुखो के बाद ही तो खुशियाँ आती है इसलिए तो चार्ली चेपलिन ने कहा है हंसी के बिना बिताया हुआ दिन बर्वाद किया हुआ दिन है .
जानिये चार्ली चेपलिन के कुछ विचार 

  • मैंने सोचा कि मैं बैगी पैंट, बड़े जूते, एक छड़ी और एक डर्बी टोपी पहन कर तैयार होऊंगा . सब कुछ उल्टा :पैंट बैगी , कोट तंग, छोटी टोपी और बड़े जूते.
                                                                                                                                                चार्ली चैपलिन 
  • हास्य टॉनिक है , राहत है , दर्द रोकने वाला है .
                                                                                                                                                 चार्ली चैपलिन
  • हंसी के बिना बिताया हुआ दिन बर्वाद किया हुआ दिन है .                                                                    चार्ली चैपलिन 
  • सबसे दुखद चीज जिसकी मैं कल्पना कर सकत हूँ वो है विलासिता का आदी होना .
                                                                                                                                                चार्ली चैपलिन
  • उन्हें लगता है हमे आदत है मुस्कुराने की पर वो क्या जाने ये अदा है गम छुपाने की
  • मेरा दर्द किसी के लिए हंसने की वजह हो सकता है पर मेरी हंसी कभी भी किसी के दर्द की वजह नहीं होनी चाहिए
                                                                                                                                                 चार्ली चैपलिन
  • मैं ऐसी सुन्दरता के साथ धैर्यपूर्वक नहीं रह सकता जिसे समझने के लिए किसी को व्याख्या
           करनी पडे
                                                                                                                                                चार्ली चैपलिन
                                                                                                                 
  • हम सोचते बहुत हैं और महसूस बहुत कम करते हैं .
चार्ली चैपलिन
  • असफलता महत्त्वहीन है . अपना मजाक बनाने के लिए हिम्मत चाहिए होती है .

  • किसी आदमी का असली चरित्र तब सामने आता है जब वो नशे में होता है .
                                                                                                                                                चार्ली चैपलिन

  • सबसे दुखद चीज जिसकी मैं कल्पना कर सकत हूँ वो है विलासिता का आदी होना
  •                                                                                                                                                 चार्ली चैपलिन
  • ज़िन्दगी करीब से देखने में एक त्रासदी है , लेकिन दूर से देखने पर एक कॉमेडी .
                                                                                                                                                 चार्ली चैपलिन
  •  मैं एक गरीब राजा की तुलना में जल्द ही एक सफल धूर्त कहलाना चाहूँगा .
                                                                                                                                                 चार्ली चैपलिन
  • सच में हंसने के लिए आपको अपनी पीड़ा के साथ खेलने में सक्षम होना चाहिए .
                                                                 
                                                                                                                                                चार्ली चैपलिन
  • इस मक्कार दुनिया में कुछ भी स्थायी नहीं है , यहाँ तक की हमारी परेशानिया भी नहीं .
                                                                                                                                                चार्ली चैपलिन
  • एक आवारा, एक सज्जन, एक कवि, एक सपने देखने वाला , एक अकेला आदमी, हमेशा रोमांस और रोमांच की उम्मीद करते है.
                                                                                                                                                चार्ली चैपलिन
  • असफलता महत्त्वहीन है . अपना मजाक बनाने के लिए हिम्मत चाहिए होती है .
                                                                                                                                               चार्ली चैपलिन
  • सच में हंसने के लिए आपको अपनी पीड़ा के साथ खेलने में सक्षम होना चाहिए .
                                                                                                                                               चार्ली चैपलिन
  • मैं ईश्वर के साथ शांति से हूँ . मेरा टकराव इंसानों के साथ है
  •                                                                                                                                                चार्ली चैपलिन
  • मैं ऐसी सुन्दरता के साथ धैर्यपूर्वक नहीं रह सकता जिसे समझने के लिए किसी को व्याख्या करनी पड़े .
चार्ली चैपलिन
  • इंसानों की नफरत ख़तम हो जाएगी , तानाशाह मर जायेंगे, और जो शक्ति उन्होंने लोगों से छीनी वो लोगों के पास वापस चली जायेगी . और जब तक लोग मरते रहेंगे , स्वतंत्रता कभी ख़त्म नहीं होगी .
चार्ली चैपलिन
  • मैं सिर्फ और सिर्फ एक चीज रहता हूँ और वो है एक जोकर . ये मुझे राजनीतिज्ञों की तुलना में कहीं ऊँचे स्थान पर स्थापित करता है .
चार्ली चैपलिन
  • हम सोचते बहुत हैं और महसूस बहुत कम करते हैं 
चार्ली चैपलिन
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  • मुझे कैरेक्टर के बारे में कुछ पता नहीं था . लेकिन जैसे ही मैं तैयार हुआ , कपडे और मे-कप मुझे उस व्यक्ति की तरह महसूस कराने लगे . मैं उसे जानने लगा, और स्टेज पे जाते-जाते वो पूरी तरह से पैदा हो गया .
चार्ली चैपलिन
  • ज़िन्दगी बढ़िया हो सकती है अगर लोग आपको अकेला छोड़ दें .
                                                                                                                                                 चार्ली चैपलिन

  • हम सभी एक दूसरे की मदद करना चाहते हैं . मनुष्य ऐसे ही होते हैं . हम एक दूसरे के सुख के लिए जीना चाहते हैं, दुःख के लिए नहीं  

.चार्ली चैपलिन

  • शब्द सस्ते होते हैं . सबसे बड़ी चीज जो आप कह सकते हैं वो है ‘हाथी ‘.
चार्ली चैपलिन
  • मुझे लगता है कि सही समय पर गलत काम करना जीवन की विडंबनाओं में से एक है.
चार्ली चैपलिन
  • मनुष्य एक व्यक्ति के रूप में प्रतिभाशाली है . लेकिन भीड़ के बीच मनुष्य एक नेतृत्वहीन राक्षस बन जाता है , एक  महामूर्ख  जानवर जिसे जहाँ हांका जाए वहां जाता है .
चार्ली चैपलिन
  • ज़रूरतमंद दोस्त की मदद करना आसान है , लेकिन उसे अपना समय देना हमेशा संभव नहीं हो पाता .
चार्ली चैपलिन
  • मेरी सभी फिल्मे मुश्किल में पड़ने की योजना के इर्द- गिर्द बनती हैं , इसलिए मुझे गंभीरता से एक सामान्य सज्जन व्यक्ति दिखने का मौका देतीं हैं .
चार्ली चैपलिन
  • हम सभी एक दूसरे की मदद करना चाहते हैं . मनुष्य ऐसे ही होते हैं . हम एक दूसरे के सुख के लिए जीना चाहते हैं, दुःख के लिए नहीं 
 चार्ली चैपलिन
  • भूरे बालों वाली औरतें मुश्किलें पैदा करती हैं . वे यहूदियों से भी बदतर होती हैं .
चार्ली चैपलिन
  • एक कॉमेडी फिल्म बनाने के लिए मुझे बस एक पार्क , एक पुलिसकर्मी और एक सुन्दर लड़की की ज़रुरत होती है .
चार्ली चैपलिन
  • मैं पैसों के लिए बिजनेस में गया, और वहीँ से कला पैदा हुई . यदि इस टिपण्णी से लोगों का मोह भंग होता है तो मैं कुछ नहीं कर सकता . यही सच है .
चार्ली चैपलिन
  • अब मेरे लिए अमेरिका का कोई उपयोग नहीं है . यदि यीशु मसीह भी वहां के राष्ट्रपति बन जाएं तो भी मैं वहां वापस नहीं जाऊंगा .
चार्ली चैपलिन
  • आप किसका मतलब जानना चाहते हैं ? ज़िन्दगी इच्छा है , मतलब नहीं .
चार्ली चैपलिन
  • तानाशाह खुद को आज़ाद कर लेते हैं, लेकिन लोगों को गुलाम बना देते हैं .
चार्ली चैपलि
  • ये बेरहम दुनिया है और इसका सामना करने के लिए तुम्हे भी बेरहम होना होगा .
चार्ली चैपलिन
  • अभिनेता ठुकराए जाने की तालाश करते हैं। यदि उन्हें ये नहीं मिलता तो वे खुद को ठुकरा देते हैं .
 चार्ली चैपलिन
  • मैं लोगों के लिए हूँ . इसका मैं कुछ नहीं कर सकता .
चार्ली चैपलिन
  • मैं  यकीन नहीं करता कि जनता जानती है कि  उसे क्या चाहिए; मैंने अपने करीयर से यही निष्कर्ष निकाला है .
चार्ली चैपलिन
  •  मैं  एक गरीब राजा की तुलना में जल्द ही एक सफल धूर्त कहलाना चाहूँगा .
चार्ली चैपलिन
  • अंतत: , सबकुछ एक ढकोसला है .                                      
                                                                                                                                                 चार्ली चैपलिन
  • याद रखिये , आप हमेशा झपट सकते हैं वो भी बिना कुछ उठाये  .
चार्ली चैपलिन
  • भला कविता को अर्थपूर्ण होने की क्या आवश्यकता है ?
चार्ली चैपलिन
  • सिनेमा सनक है . दर्शक वास्तव  में स्टेज पर जीवंत अभिनेताओं को देखना चाहते हैं .
चार्ली चैपलिन
  • मेरा दर्द किसी के लिए हंसने की वजह हो सकता है। पर मेरी हंसी कभी भी किसी के दर्द की वजह नहीं होनी चाहिए.
चार्ली चैपलिन
  • मैं हमेशा बारिश में टहलना पसंद करता हूँ, ताकि कोई मुझे रोते हुए ना देख सके.
चार्ली चैपलिन


ये सिर्फ पृथ्वी नही ये पृथ्वी घर है हमारा

यहाँ रहते है हम 
ये पृथ्वी घर हम सबके जिस पर हम रहते है सांस लेते है सोते जागते , उठते - बैठते ,चलते फिरते , काम करते है भोजन ग्रहण करते है । हम सभी को अपने इस पृथ्वी नामक घर के बारे में जानना चाहिए तो चलिए आज हम पृथ्वी के बारे में कुछ रोचक बातें जानते है 

 
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  • पृथ्वी गोलाकार है पृथ्वी की इस आकृति को लध्वक्ष गोलाभ ( oblate spheroid ) कहते है Ι 
  • पृथ्वी का भूमध्यरेखीय व्यास 12,756 की.मी और ध्रुवीय व्यास 12,713 किलोमीटर है Ι 
  • पृथ्वी की भूमध्यरेखीय परिधि 40,०७५ की.मी और ध्रुवीय परिधि 40,000 की.मी है Ι 
  • पृथ्वी का पृष्ठीय क्षेत्रफल 51,01,00,500 वर्ग किलोमीटर है Ι 
  • पृथ्वी पर 29 % (14,८९,५१,००० वर्ग की.मी .) क्षेत्र पर स्थल खंड व् ७१% 36,11,50,००० वर्ग की.मी ) क्षेत्र पर जल मंडल है Ι 
  • पृथ्वी सूर्य के चतुर्दिक एक अंडाकार मार्ग (94.14 मि.कि.मी .) पर 365 दिन 5 घंट , 48 मिनट और 46 सेकंड अर्थात 365 1/4 दिन में 1,07,160 किमी प्रति घंटे की चाल से एक परिक्रमा करती है इसे परिभ्रमण कहते है इस कारण पृथ्वी पर मौसम परिवर्तन होता है Ι 
  • पृथ्वी अपनी धुरी पर 23 -32  (23 1/2 ० ) अक्षांश झुकी है Ι 
  • वर्ष का वह समय जब सूर्य भूमध्य रेखा पर मध्यान्ह में उध्वार्धर होता है और  पृथ्वी का आधा प्रदीप्त भाग दोनों ध्रुवों को सामान रूप में शामिल करता है भूमंडल पर दिन व् रात्रि बारह  - बारह  घंटे के होते है इसे विषुव (equinox ) कहते है विषुव दो होते है 21 मार्च के आस-पास बसंत विषुव (vernal equinox ) और 22 सितम्बर को शरद विषुव (autumn equinox) कहते है Ι 
  • सूर्य 21 जून को उत्तरी अय्नात (कर्क रेखा ) और 22 सितम्बर को दक्षिणी अयनांत (मकर रेखा ) पर पहुँचता है इन अवधियों को उत्तरी गोलार्ध में क्रमश: कर्क संक्रान्ति या ग्रीष्म अयनांत (summer solstice) और मकर संक्राति या शीत अयनांत (winter solstice) कहते है Ι 
  • पृथ्वी की परिक्रमण गति के दौरान 4 जुलाई को पृथ्वी अपनी कक्षा में सूर्य से अधिकतम दूरी (15.2 करोड़ कि .मी .) और 3 जनवरी को पृथ्वी सूर्य से निकटतम दूरी (14.73 करोड़ कि .मी पर होती है इन्हें क्रमश सूर्योच्च (aphelion) व् उपसौर (perihelion) कहते है Ι 
  • जब पृथ्वी सूर्य और चन्द्रमा के मध्य आ जाती है तो उसकी छाया चन्द्रमा पर पड़ती है तो चन्द्रमा धूमिल हो जाता है इसे चन्द्र ग्रहण ( lunar eclipse ) कहते है  
  • जब चन्द्रमा पृथ्वी और सूर्य के मध्य आ जाता है तो चन्द्रमा के कारण सूर्य पूरी तरह स्प्ध्त दिखाई नहीं देता इसे सूर्य ग्रहण ( solar eclipse ) कहते है  
  • भूपष्ठ पर विषुवत रेखा ( equator ) के ऊपर या दक्षिण में एक याम्योतर किसी भी बिंदु की कोने दूरी जो पृथ्वी के केंद्र से नापी जाती है और अंशो ,मिनटों व् सेकण्डो में व्यक्त की जाती है , अक्षांश (latitude ) कहलाती है  
  • किसी स्थान की कोणीय दूरी जो प्रधान याम्योतर (0 या ग्रीनविच ) के पूर्व व् पश्चिम में होती है देशांतर ( longitude ) कहलाती है  
  • 1 अक्षांश की दूरी लगभग 111 किलोमीटर व् 1 देशांतर की दूरी लगभग 111.32 किलोमीटर होती है  
  • पृथ्वी के मानचित्र पर 180 याम्योतर के लगभग साथ - साथ स्थल खंडो को छोड़ते हुए खींची जाने वाली काल्पनिक रेखा को अन्तराष्ट्रीय तिथि रेखा (international date line ) कहते है
  • पृथ्वी पर किसी स्थान विशेष का सूर्य स्थिति से परिकलित का समय स्स्थानीय समय (local time कहलाता है  
  • किसी देश के मध्य से गुजरने वाली याम्योतर का मध्य प्रामाणिक समय (standard time ) होता है
  • भारत का प्रमाणिक समय 82 1/2 ०  (इलाहाबाद के पास का देशांतर) के समय को माना जाता है  
  • कठोर पर्पटी ( crust ) , जो पृथ्वी के आंतरिक गुरुमंडल (barysphere) को ढके है , स्थलमंडल (lithosphere) कहलाता है  
  • पुर्थ्वी की आंतरिक संरचना सियाल , सीमा और निफे से हुई है  
  • पृथ्वी की आंतरिक भाग की ऊपरी परत सियाल कहलाती है जिसमें सिलिका और एल्युमिनियम की प्राधानता होती है इस परत का घनत्व 2.75 से 2.9 के मध्य होता है
  • सियाल के नीचे सीमा नामक परत है जिसमें सिलिका और मैग्नीशियम की प्रधानता होती है इस परत का घनत्व 2.9 से 4.75 है  
  • पृथ्वी का केन्द्रीय भाग कोर या निफे कहलाता है यह निकिल और लोहे का बना है इसका घनत्व 8 से 11 तक है  
  • पृथ्वी की पर्पटी के पदार्थो या स्थ के कठोर भाग को चट्टान या शैल कहते है  
  • सामन्यतया चट्टान तीन तरह की होती है 1 आग्नेय 2 परतदार 3 परिवर्तित या रुपातान्त्रित  
  • पृथ्वी के आंतरिक भाग के पिछले पदार्थ मेग्मा के शीतल होने से बनी चट्टानें आग्नेय चट्टान कहलाती है  
  • जब लावा का जमाब उर्ध्वाधर होता है तो उसे डाइक कहते है  
  • अवसादी या परतदार शैल का निर्माण चट्टान चूर्ण और जीवावशेषों और वनस्पतियों के एकत्रीकरन से होता है भूपृष्ठ के लगभग 75 % भाग में इन्ही चट्टानों का विस्तार है  
  • अवसादी या परतदार चट्टानें वायु ,जल ,सागर की लहरों और हिमानी द्वारा लाए अवसादों से बनती है  
  • अवसादी चट्टानों में बलुआ पत्थर शैल , चिकनी मिट्टी , चूने का पत्थर , खड़िया , डोलोमाईट कोयला से मिलते है   
  •  आग्नेय और परतदार चट्टानों में ताप दबाव और रासयनिक परिवर्तनों से उनकी संरचना ,रूप,रंग और आकृति बदल जाटी है तब इन्हें रूपांतरिक व् कायांतरित चट्टान कहते है  
  • कायान्तरण पाँच तरह के होते है संस्पर्श , गतिक , स्थैतिक , जलीय , उष्ण जलीय

कौन है वो महान व्यक्ति जिसका जीवन ग्रन्थ से कम नहीं




 सुकरात यूनान के एक महान दार्शनिक


          सुकरात यूनान के एक महान दार्शनिक थे उन्हें पश्चिम दर्शन का जनक भी कहा जाता है पश्चिमी सभ्यता के विकास में सुकरात ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है सुकरात का जन्म ४६९ इसवी पूर्व एथंस में हुआ था उनके पिता एक मूर्तिकार थे सुकरात अपने जीवन के शुरुआती दिनों में ने अपने पिटा के पैतृक व्यवसाय को अपनाया था सुकरात ने मातुभाषा,यूनानी कविता ,गणित , ज्यामिति और खगोल विज्ञान की पढाई की थी उन्होंने एक पैदल सैनिक के रूप में देश के दुश्मनों के खिलाफ युध्द में भी भाग लिया था और उनके दोस्तों ने उनकी सराहना की थी |सुकरात को सूफियों की भाँति मौलिक शिक्षा और आचार द्वारा उदाहरण देना ही पसंद था। वस्तुत: उसके समसामयिक भी उसे सूफी समझते थे। सूफियों की भाँति साधारण शिक्षा तथा मानव सदाचार पर वह जोर देता था और उन्हीं की तरह पुरानी रूढ़ियों पर प्रहार करता था। वह कहता था, ""सच्चा ज्ञान संभव है बशर्ते उसके लिए ठीक तौर पर प्रयत्न किया जाए; जो बातें हमारी समझ में आती हैं या हमारे सामने आई हैं, उन्हें तत्संबंधी घटनाओं पर हम परखें, इस तरह अनेक परखों के बाद हम एक सचाई पर पहुँच सकते हैं। ज्ञान के समान पवित्रतम कोई वस्तु नहीं हैं।'
           मूर्तिकला में जब सुकरात का मन नहीं लगा तो उन्होंने अपना एक स्कूल खोल लिया इस स्कूल में युवा लोग अपने मन में उपजे सवालों को हल करने के लिए सुकरात के पास आते थे सुकरात के जीवनकाल में एथेंस में भारी राजनितिक उथल पुथल मची हुई थी क्योकि देश पेलोपोनिशियन युद्द में भारी हार से अपमानित होना पड़ा था | इससे लोगो में राष्ट्रीयता की भावना और वफादारी गहरा गयी थी लेकिन Socrates सुकरात देशवासियों की परीक्षा लेते थे | वो किसी सम्प्रदाय विशेष के पक्ष के खिलाफ थे और स्वयं को विश्व का नागरिक मानते थे |
सुकरात की शिक्षण पध्दति
1 संदेह पध्दति - सुकरात अपने दार्शनिक विश्लेष्ण लो प्रारम्भ करते समय हमेशा अज्ञान प्रदर्शित करते थे अपने निजी ज्ञान क छुपा कर रखते थे सुकरात का उद्देश्य लोहो को उपदेश देना या प्राभावित करना नहीं था स्व स्वयं को साधारण व्यक्ति ही प्रादार्षित करते थे और विनम्र होकर समस्या प्रारम्भिक और प्राथमिक तथ्यों से प्रारम्भ करते थे
2 वाद - विवादास्पद - सुकरात हमेशा वाद -विवाद के द्वारा ही दार्शिंक विश्लेष्ण का कार्य किया करते थे वे उपदेश नही बातचीत किया करते थे उनकी बातचीत व्यर्थ या उद्देश्यरहित नहीं हुआ करते थे सुकरात दारा किया विवाद सत्य को प्राप्त करने का साधन हुआ करता था वे सम्बन्धित समस्या के कई समाधान उपस्थित करते थे और तब हर समाधान की आलोचना करते थे और अन्य लोगो से आलोचना करवाते थे और प्रश्नोतरो के द्वारा यह अभीष्ट निष्कर्ष पर पहुँच जाता था
3 अवधाराणात्मक और परिभाषात्मक - स्कुरात ज्ञान को अवधाराणाओ और परिभाषाओं के माध्यम से प्राप्त करने के पक्ष में थे उनके अनुसार यदि किसी घटना के विषय में ज्ञान प्राप्त करना है तो पहले सम्बन्धित शब्दों को पूरी तरह से परिभाषित और निश्चित कर लेना चाहिए
4 अनुभावात्म्क और आगमनात्मक - सुकरात की अध्ययन और दार्शनिक विवेचन की पध्दति का सम्बन्ध रोजमर्रा के जीवन के अनुभवों से था सुकरात दारा विश्लेषित हर समस्या का यथार्थ जीवन से सम्बन्ध होता था किसी तथ्य से सम्बन्धित परिभाषा या अवधारणा की रचना के लिए यह वः सैदेव ही वास्तविक जीवन के आधार उधाह्र्ण एकत्रित करता था पहले समस्या से सबंधित स्नेक घटनाओं और तथ्यों को संकलित करता तब उनमें से तथ्यों को हटा देता था
5 निग्नात्म्क - सत्य को प्राप्त करने के लिए केवल आगमन पर ही निर्भर नहीं रहता था आगमन के साथ साथ वे परिभाषाओं और अवधाराणाओ को निगमन द्वारा सत्यापित किया करता था उनका विचार था की पूरी तरह संतोष के किसी परिभाषा का आगमन और निगमन दोनों तरह से सत्यापन करना आवश्यक है

          सुकरात अथेन्स के बहुत ही गरीब घर में पैदा हुए थे। गंभीर विद्वान् और ख्यातिप्राप्त हो जाने पर भी उन्होंने वैवाहिक जीवन की लालसा नहीं रखी। ज्ञान का संग्रह और प्रसार, ये ही उनके जीवन के मुख्य लक्ष्य थे। उनके अधूरे कार्य को उनके शिष्य अफलातून और अरस्तू ने पूरा किया।


नवयुवकों को बिगाड़ने, देवनिंदा और नास्तिक होने का झूठा आरोप लगाकर उन्हें जहर देकर मारने का दंड दिया गया।  
          सुकरात अक्सर रस्ते चलते लोगो से सवाल करते थे और उनके समक्ष आडम्बरो ,रुढियो और राजनेताओ की आलोचना करते थे | इससे कई लोग उनके दुश्मन हो गये थे | शक के उस माहौल में कई लोगो ने उन्हें शत्रु का भेदिया तो कई ने देशद्रोही तक कह दिया था | आखिर युवाओं को गुमराह करने के इल्जाम में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया | उन पर मुकदमा चलाया गया | उनके शिष्य प्लेटो ने उनका मुकदमा लड़ा लेकिन जब जजों ने सुकरात को आरोपित किया कि उन्होंने युवाओं को गलत रास्ते पर जाने के लिए प्रेरित किया तो उन्होंने चुपचाप आरोप स्वीकार कर लिए थे |
           यदि Socrates सुकरात अपनी गलती मान लेते और अपने मत से हट जाते तो वो बच सकते थे लेकिन उन्होंने वैसा नही किया | उन्हें जहर पीकर मौत को गले लगाने की सजा मिली |अंतिम समय में सुकरात अपने दोस्तों के साथ आत्मा की शाश्वत पर चर्चा करते रहे | मरने से कुछ समय पहले उन्होंने कहा था जाने की घड़ी आ गयी है , हम अपने रास्ते चले जायेंगे , मै मरने जा रहा हु और तुम जीवित हो , दोनों में अच्छा क्या है केवल ईश्वर जानता है “|Socrates सुकरात ने स्वयं कोई ग्रन्थ नही लिखा था लेकिन उनके शिष्यों ने उन पर बहुत से लेख लिखे थे , उन्ही के आधार पर हमारे सामने सुकरात का व्यक्तित्व उभरा है | उन्होंने परम्परा से हटकर , बिलकुल उससे उपर उठकर सत्य को खोजने की बात की थी | उस समय लोग तथागतित सूफियो , संतो की बातो पर आँखे मूंदकर भरोसा कर लेते थे , सुकरात ने उन्हें अपनी बुद्धि का इस्तेमाल करने की सलाह दी | उनके कुछ विचार हमे आज भी ताजगी से भर देते है |
झूठे शब्द सिर्फ बुरे नही होते , बल्कि वो आपकी आत्मा को भी बुराई से संक्रमित कर देते है |”
वो सबसे धनवान है जो कम से कम संतुष्ट है , क्योंकि संतुष्टि प्रकृति की दौलत है
मूल्यहीन व्यक्ति केवल खाने पीने के लिए जीते है मूल्यवान व्यक्ति केवल जीने के लिए खाते पीते है


सुकरात ने जहर का प्याला खुशी-खुशी पिया और जान दे दी। ऐसे महान व्यक्ति का जीवन किसी ग्रन्थ से कम नहीं है। 

इतिहास नहीं है बकवास

                 
history is not a mystery 

         मैंने देखा है बहुत सारे स्टूडेंट्स ऐसे होते है जिन्हें इतिहास जैसे विषय का नाम सुनते ही लगता है अरे बाप रे इसमें इतने सारे सन है या इसमें इतने सारे किलों के बारे में पढ़ना है या इतने सारे राजा महाराजा के बारे में कैसे याद कर पायेगे ।
         इतिहास के ऐसा विषय जिसमें बहुत सारी जानकारियाँ है इतिहास विषय कठिन नहीं है इसे हम ही सोचकर कठिन बना लेते हैं कि इसे समझना मुश्किल है । इतिहास को यदि मजेदार बनाकर पढ़ा जाएं तो इसके हर चैप्टर को समझना आसान होगा ।
        आपकी बोर्ड परीक्षा हो या कोई परीक्षा बिना डरे इतिहास में महारत हासिल कीजिए । बहुत जरुरी है कि हम अपने इतिहास को जाने । 

अपनाएं ये फ़ॉर्मूले तो कभी नहीं लगेगा इतिहास बकवास

1 जैसे आपको किसी राजा के शासन काल के बारे में पढ़ना है तो उनके जीवन के मुख्य बिन्दुओ को अपनी नोटबुक को बना ले जैसे
आप अकबर के शासन काल का एक स्केल बना ले की उनका जन्म कब हुआ उन्होंने कब कौन सी लड़ाई लड़ी उनकी मृत्यु कब हुई

2 इतिहास विषय पढ़ने के लिए हमेशा चित्र , समय ग्राफ , मानचित्र, ग्लोब ,चार्ट ,पोस्टर्स का प्रयोग करके पढ़े ।

3 जो पाठ उस विषय का सबसे कठिन लगता है उसके लिए प्रश्न उत्तर नोटबुक में बनाकर रखे 
जैसे भारत पर सबसे पहले आक्रमण किसने किया था ?
उतर सिकंदर ने भारत पर पहला आक्रमण किया था  ।

4 सबसे पहले पिछले साल के प्रश्न पत्र हल करके देखे और जो टॉपिक सबसे ज्यादा पूछे गये है उन पर ज्यादा फॉक्स करे । उन्हीं टॉपिक की ज्यादा तैयारी करे हो सकता है वही टॉपिक दोबारा आ जाएं ।

5 आप अपने दोस्तों के साथ मिलकर पढाई तो ज्यादा अच्छे से विषय समझ आता है तो जैसे एक जैसे किसी एक को अकबर के बारे में समझने में कठिनाई आ रही है तो उसके साथ -साथ बाकी को भी ज्यादा क्लियर हो जाएगा इससे अलग - अलग टॉपिक पर समझने में आसानी हो जायेगी ।

6  इति‍हास में अच्छे मार्क्स लाने के लिए हमेशा तारीख, साल और स्थान का याद रखें.

7 किताब के हर चैप्टर को कम से कम दो बार जरूर पढ़ें. जहां भी समझने में दिक्कत हो, वहां रुकें और उसे समझकर आगे बढ़ें. पहली बार इतिहास का चैप्टर पढ़ने में आपको अच्छा नहीं लगेगा मगर दूसरी बार पढ़ने पर आपकी दिलचस्पी इसमें बनने लगेगी और आपको यह पढ़ना भी अच्छा लगेगा.

8 इतिहास विषय को नाटक विधि के माध्यम से पढ़े यदि स्कूल में विषय से सम्बन्धित नाटक हो तो आप गौतम बुध्द , अशोक ,शिवाजी , और महाराणा प्रताप के नाटक में भाग लेकर उनके चरित्र को ज्यादा बारीकी से समझ सकते है ।

9. आप तथ्यों को रटना बंद करें. लिखे हुए शब्दों के माध्यम से इसे देखने की कोशि करें, जैसे यह आप के सामने हो रहा हो. ऐसा करने से कोई भी चीज आपको लंबे समय तक के लिए याद हो जाएगी.

10 जैसे हमें सम्राट अशोक के बारे में पढ़ना है तो अशोक तो हमारे बीच में है नहीं इसलिए अप्रत्यक्ष रूप से पढ़ना होगा हमें उनके बारे में जानने के लिए उनके शिलालेख ,ताम्रपत्र , मूर्तियों ,खंडहरों के माध्यम से उनके बारे में जान सकते है

11. जब कभी भी इतिहास के सवालों का जवाब लिखें तो कोशिश करें कि यह स्टोरी फॉर्मेट में हो. यानी जैसे आप कोई कहानी कह रहे हों.

12. इतिहास के सवालों को हल करते समय शब्दों का ख्याल रखें और यह भी देखते रहें कि एक ही बात बार-बार दोहरा तो नहीं रहे हैं.

13
सभी टॉपिक्स को पढ़ते समय उनमें इंपॉर्टेंट पॉइंट्स और तारीखें नोट करते जाएं। 


14 इतिहास में बहुत सारे पॉइंट होते है पढ़ते समय उन्हें भूल जाते है उनका सूत्र बनाकर पढ़े इससे आप जैसे ही सूत्र देखेगे याद आ जाएगा अरे यहाँ ये पॉइंट है
जैसे छात्र इस विषय में नाम, स्थान आदि याद रखने के लिए शॉर्ट ट्रिक्स का उपयोग भी कर सकते हैं, जैसे- भारत की 7 सिस्टर स्टेट्स याद रखने की ट्रिक- ATM आना ममी A-असम, T-त्रिपुरा, M-मेघालय, अ-अरुणाचल प्रदेश, ना-नगालैंड, म-मणिपुर, मी-मिज़ोरम। 

15 इतिहास के किसी भी टॉपिक को पढ़ने के लिए एक ही किताब से नहीं अलग - अलग किताबों से पढ़े ।  इंटरनेट के जरिए आपको टेक्स्ट बुक के अलावा संबंधित टॉपिक पर कुछ नए विवरण भी हासिल हो सकते हैं। इससे आपके उत्तर अन्य छात्रों से ना सिर्फ अलग बल्कि बेहतर भी लगेंगे। इसका फायदा भी आपको थोड़े बहुत ज्यादा अंकों के रूप में मिल सकता है।

16 परीक्षा से पहले के इस अंतिम समय में टेक्स्ट बुक्स पढ़ते समय बेशक मुख्य बिंदुओं पर निशान लगाते चले जाएं अथवा समय हो तो बिंदुवार क्रम में मुख्य प्वाइंट्स को लिखते रहें। इससे परीक्षा से पहले रिवाइज करने में न सिर्फ समय की बचत होगी बल्कि काफी बातें याद भी आसानी से होती चली जाएंगी।


17 क्लास में टीचर ने जो इंपोर्टेंट प्रश्नों और टॉपिक्स बताए है उन्हें भी तैयार करे हो सकता है इसमें काफी कुछ आपको बोर्ड के पेपर में देखने को मिल सकता है।